Wednesday, 4 March 2015 ------------------------- टिप टिप कर बूँद-बूँद बरसता पानी , हर एक बूँद में लिखी है तेरी कहानी। इस टिप टिप बरसती दास्ताँ का मैं भी एक हिस्सा हूँ , सावन की इस बारिश का एक पुराना किस्सा हूँ। ये वाक़या पुराना है मेरी कोशिश भी पुरानी है , तेरी जुस्तजू है हक़ीक़त मेरी और सफर मेरी कहानी है।" ------------------------------------------ -Alok Dixit 'मुख़्तार'
दोस्तों ये ब्लॉग मेरी लिखी हुई शायरी और नज़्मों का एक संग्रह है। मैं मुख़्तार के नाम से अपनी शायरी लिखता हूँ, यहाँ इस ब्लॉग पर मेरी लिखी हुई शायरी है आप सभी पढ़े और ग़र अच्छी लगे तो हौसला बढ़ाये और कुछ कमी हो तो इत्तला जरूर करे। आपका Alok Dixit 'मुख़्तार'