Tuesday, 21 June 2016 ----------------------------- " बदली-बदली सी लगती है नज़रे उनकी - 2, कुछ तो फर्क है जो दरमियान आया है। ज़बां से भले ही वो कुछ भी ना कहे - 2, पर हमको लगता है के उनके दिल में कोई और उतर आया है।" ---------------------------------------------- -Alok Dixit 'मुख़्तार'
दोस्तों ये ब्लॉग मेरी लिखी हुई शायरी और नज़्मों का एक संग्रह है। मैं मुख़्तार के नाम से अपनी शायरी लिखता हूँ, यहाँ इस ब्लॉग पर मेरी लिखी हुई शायरी है आप सभी पढ़े और ग़र अच्छी लगे तो हौसला बढ़ाये और कुछ कमी हो तो इत्तला जरूर करे। आपका Alok Dixit 'मुख़्तार'