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Shukriya






क्या कहूँ मैं तुझे क्या लिखूँ  मैं तुझे,
कौनसी बात से ये कहूँ मैं तुझे,
शुक्रिया है तुझे शुक्रिया - २

मेरी ज़िंदगी मैं आने का,
इसको हसीं बनाने का,
शुक्रिया है तुझे शुक्रिया - २

दिल में  मेरे बस जाने का,
धड़कन मेरी बन जाने का,
शुक्रिया है तुझे शुक्रिया - २

मुझको यूँ हसाने का,
सताने का रुलाने का,
शुक्रिया है तुझे शुक्रिया - २

मुझे इतना ख़ास बनाने का,
दिल में तेरे सजाने का,
शुक्रिया है तुझे शुक्रिया - २


-Alok Dixit  'मुख़्तार'

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Love - Pure & Divine

"The day you will think of me,  the day you will think of us.  The day you will live for me,  the day you will breathe for us.  I will be yours & you will be mine,  It will be love pure & divine."       -Alok Dixit 'मुख़्तार'        28/01/2009

Love, is it needed??

"बहुत बदलना पड़ेगा ख़ुद को तेरे पैमानों के मुताबिक़ ,  सोचता हूँ के तुझे पाने का ख्याल ही बदल देता हूँ। किसी एक इंसान को पाना इतना भी नहीं है जरुरी , जिसके चलते अपनी ही शख्सियत से बन जाए दूरी। मैं मुक़्क़म्मल हूँ क्यूंकि मुझे उस अज़ीम खुदा ने बनाया है , यह मोहब्बत की जरुरत का इल्म तो इस ज़माने ने जगाया है। गर ताल्लुकात मुफीद हो तो रिश्ते भी है और जज्बात के नाते भी , मैंने देखा है लोगो को अपनी जरुरत की चलते सजदे में सर झुकाते भी। यहाँ कोई किसी का हमसफ़र नहीं ना किसी को किसी का इंतज़ार , एक दरियाँ सी है ये ज़िन्दगी और सबको जाना है उस पार।" -Alok Dixit ' मुख़्तार'