मेरा शायरी संग्रह - 3
My Poetry Collection - 3
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"बेनतीजा नहीं जाती किसी की मेहनत कभी,
कामयाबी मिले न मिले सबक मिल ही जाता है।"
-Alok Dixit 'मुख़्तार'
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"एक दरिया हूँ मैं हर पल बहता रहता हूँ,
हर मोड़ पर मैं अपनी कहानी कहता हूँ।
जो भी सुनता है तसल्ली से उसको सुनाता हूँ,
वरना कइयों को लगता है के मैं सिर्फ शोर मचाता हूँ।"
-Alok Dixit 'मुख़्तार'
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#approach matters my friend...
"इंसान की तालीम बड़ी हो ना हो, ताल्लुकात बड़े होने चाहिए।"
-Alok Dixit 'मुख़्तार'
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"सबके मुताबिक़ जीते जीते मैं अपना खुद का अंदाज़ भुला बैठा,
बैठकर खामोशी से सुनता रहा सबकी और अपनी आवाज़ भुला बैठा।"
-Alok Dixit 'मुख़्तार'
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"मैंने देखा है झूठ को लबों पे हँसते मुस्कुराते कहकहे लगाते,
सच किसी का भी हो वो उसकी निगाहों में बस खामोश रहता है।"
Alok Dixit 'मुख़्तार'
सच किसी का भी हो वो उसकी निगाहों में बस खामोश रहता है।"
Alok Dixit 'मुख़्तार'
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